ITLA और ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड: बुनियादी ढाँचे के एकीकरण से विनिर्माण आधारित विकास की ओर भारत
किसी भी अर्थव्यवस्था की प्रगति केवल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि उसकी परिवहन व्यवस्था कितनी कुशल है, उद्योगों को पूंजी कितनी आसानी से उपलब्ध होती है और आर्थिक विकास का लाभ छोटे उद्यमियों तक कितना पहुँचता है। इसी संदर्भ में
